घोर द्ग्डियों जंगऴु‌ तैं बचालु कु‌

Govind Pundir
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हवा भी खाणीं छैं
पाणीं भी पेणीं छैं
फल फूल भी‌ चखणी छै
पर घोरदग्डिया जंगल बचालु कु

बुरासा‌ की रैमोढी‌ खाणी‌ छैं
गुराऴ कू अचार खाणी छैं
कंडी पता कु स्वाद भी‌ लेणीं छै
पर घोरदग्डिया जंगलू तैं बचालू कु

कोयल की कुक बिन सुनताऴ ह्वैया जगऴ
पोथलौ का घोल फुंकी फाकीं‌ राजा कु लगोठी यार उ जगऴ
जब अपणें घर का विभीषण
देवतो की भुमि जऴोणा
त तुमी बता घोरदग्डियो यु जगऴु‌ तें‌ बचालु कु

कै पाखी मां भुमि भुम्याऴ
अर उ देवता रम्या छन
कै‌ ढुंगो की कुडी भाडीं मा उकीं कुडी भांडी सजायी छैं
पर जब आग लगादारा असुर‌ तैं तुम सबासी देणा बल
त तुम ही बाता जंगल तैं बचालू कू‌

युं देवतो‌ तैं न सरकारी राशन नसीब छै
न ही दाऴ‌ लोण तैल अर बिचारों तैं पैंसन नसीब भैं
फिर भी हमार भुख तीस मिटोणक तैयार बारामासीं‌ भै
पर घोरदग्डियो अबरी कि घडी जंगऴु तैं बचालु कु।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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