देहरादून: उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा, “जिस प्रकार का वातावरण बनाया गया, उसमें मुझे अपनी निष्ठा और योगदान साबित करना पड़ रहा है। राज्य आंदोलन में लाठियां खाईं, फिर भी मुझे टारगेट बनाया जा रहा है। यह आहत करने वाला है, ऐसे में मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।”
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उनकी एक विवादित टिप्पणी के बाद प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए थे। बढ़ते जन दबाव और राजनीतिक हलचल के बीच उन्होंने आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने इस्तीफे का ऐलान किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस इस्तीफे के बाद सरकार में बड़ा फेरबदल हो सकता है। विपक्ष ने इसे जनता की जीत करार दिया है, जबकि समर्थकों में निराशा का माहौल है।
सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा नया मंत्री नियुक्त किए जाने की संभावना है। उधर, पार्टी नेतृत्व ने इस मामले पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। आगे की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं — क्या यह इस्तीफा प्रदेश की राजनीति में कोई नया मोड़ लाएगा?



