नमामि गंगे के तहत महाविद्यालय खाड़ी में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

Govind Pundir
3 Min Read
Please click to share News

खबर को सुनें

टिहरी गढ़वाल, 26 मार्च 2025। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी टिहरी गढ़वाल में नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन 25 मार्च 2025 को मुख्य अतिथि श्री जीवन मोहन दगड़े (आईएफएस) डीएफओ नरेंद्र नगर और विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर ए.के. उनियाल (संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा उत्तराखंड) ने दीप प्रज्वलन के साथ किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय और इंटर कॉलेज जाजल के शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। श्री जीवन मोहन दगड़े ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने पॉलीथिन के प्रयोग को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया। प्रोफेसर ए.के. उनियाल ने जैविक कृषि को बढ़ावा देने और जैव विविधता संरक्षण की व्यवहारिकता पर जोर दिया। सेवानिवृत्त पुलिस उपाध्यक्ष श्री गणेश कोहली ने छात्र-छात्राओं से नमामि गंगा को पर्यावरण क्रांति के रूप में शुरू करने का आग्रह किया। वहीं, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री विशन सिंह रावत ने क्षेत्रीय वनस्पतियों की जानकारी साझा की। इंटर कॉलेज जाजल के प्रधानाचार्य श्री प्रभाकर त्रिवेदी ने नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में सीवेज प्रबंधन परियोजनाओं को लागू करने का सुझाव दिया। राजकीय महाविद्यालय गुप्तकाशी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगीशा ने प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण पर प्रकाश डाला।

समापन समारोह: पर्यावरण संरक्षण का संदेश

26 मार्च 2025 को कार्यशाला का समापन समारोह आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि श्री विजय जड़धारी, विशिष्ट अतिथि श्री राजेंद्र सिंह बिष्ट और विशिष्ट वक्ता श्री अरण्य रंजन उपस्थित रहे। इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित श्री विजय जड़धारी ने हेवल नदी के इतिहास पर चर्चा करते हुए कहा कि नदियों को बचाने की शुरुआत घरों से करनी होगी। श्री जड़धारी ने लोक कथाओं और लोकगीतों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

ब्लॉक प्रशासक श्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने स्थानीय नदियों में मत्स्य पालन की अनुमति की आवश्यकता पर बल दिया। श्री अरण्य रंजन पंवार ने क्षेत्रीय फसलों और जैव विविधता के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की बात कही।

महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मानव समाज को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ बंद करनी होगी और जीवनशैली ऐसी होनी चाहिए जो प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान न पहुंचाए। छात्र-छात्राओं ने क्षेत्रीय लोकगीतों पर नृत्य प्रस्तुति दी, जिसने समारोह में चार चांद लगाए।नमामि गंगा की भावी योजना कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. मीनाक्षी ने छात्र-छात्राओं को नमामि गंगा की आगामी रूपरेखा से अवगत कराया।

इस अवसर पर प्रोफेसर निरंजना शर्मा, डॉ. ईरा सिंह, डॉ. सनोवर, डॉ. मीना, डॉ. सीमा, डॉ. संगीता, पंकज, आशीष, दीपक और हितेश सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

यह कार्यशाला नदियों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।


Please click to share News
Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!