टिहरी में सादगी से मनाई गयी ईद

Govind Pundir
2 Min Read
खबर को सुनें

गढ़ निनाद न्यूज़* 01अगस्त 2020

नई टिहरी: आज ईद उल अजहा का त्योहार नई टिहरी में कोरोना वायरस के चलते सादगी से मनाया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए जामा मस्जिद बौराड़ी में पांच नमाजियों के साथ इमाम मुफ्ती जुबेर अहमद ने नमाज अदा कराई।

मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उनके पुत्र को जीवनदान दे दिया, जिसकी याद में यह त्योहार मनाया जाता है।

ईद-ए-कुर्बां का मतलब है बलिदान की भावना। अरबी में ‘क़र्ब’ नजदीकी या बहुत पास रहने को कहते हैं।

हज और उसके साथ जुड़ी हुई पद्धति हजरत इब्राहीम और उनके परिवार द्वारा किए गए कार्यों को प्रतीकात्मक तौर पर दोहराने का नाम है। हजरत इब्राहीम के परिवार में उनकी पत्नी हाजरा और पुत्र इस्माइल थे। मान्यता है कि हजरत इब्राहीम ने एक ख्वाब देखा था जिसमें वह अपने पुत्र इस्माइल की कुर्बानी दे रहे थे। हजरत इब्राहीम अपने दस वर्षीय पुत्र इस्माइल को खुदा की राह पर कुर्बान करने निकल पड़े।

किताबो में आता है कि खुदा ने अपने फरिश्तों को भेजकर इस्माइल की जगह एक जानवर की कुर्बानी करने को कहा। दरअसल इब्राहीम से जो असल कुर्बानी मांगी गई थी वह उनकी खुद की थी अर्थात ये कि खुद को भूल जाओ, मतलब अपने सुख-आराम को भूलकर खुद को मानवता/ इंसानियत की सेवा में पूरी तरह से लगा दो।

आज करोना के कारण इस त्योहार को सादगी से मनाया गया। सभी लोगों ने अपने अपने घरों में ही नमाज अदा की। 

इस अवसर पर जामा मस्जिद के पूर्व सदर मुशर्रफ़ अली, नफीस खान, सरताज अली,अशद आलम, शकील अहमद, मेहबूब सरफराज अली आदि उपस्थित थे।

Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!