कविता: रक्षाबंधन

कविता: रक्षाबंधन

नमन वीणा वादिनी
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विषय — रक्षाबंधन
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भैया यह बंधन है प्यार का,
बांधा जो जाए हाथों में,
सारे संसार में धूम मची ,
सावन में आया बरसातों में।।

रंगीन राखी है लाई बहना,
कभी ना इसको भूल जाना,
रोली मिठाई से थाली सजाई ,
राखी लेकर बहना आई।।
भैया ये बंधन है प्यार का,
बांधा जो जाये हाथों में।।

रेशम का धागा मेरी यह राखी,
अनमोल वादा मेरी यह राखी,
तोहफ़े में तेरा प्यार चाहिए,
अटूट विश्वास मेरी ये राखी।।
भैया यह बंधन है प्यार का,
बांधा जो जाये हाथों में,
सारे संसार में धूम मची,
सावन में आया बरसातों में।।

रचनाकार – नीलम डिमरी
चमोली – उत्तराखंड

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