Ad Image

राजकीय महाविद्यालय चन्द्रबदनी में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

राजकीय महाविद्यालय चन्द्रबदनी में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
Please click to share News

नवंबर 15, चन्द्रबदनी (नैखरी) – टिहरी गढ़वाल

राजकीय महाविद्यालय चन्द्रबदनी में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ क्षेत्रीय विधायक श्री विनोद कण्डारी द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की गई। 

छात्र-छात्राओं को संबोधित कर माननीय विधायक ने उच्च शिक्षा में तकनीकी के महत्व पर प्रकाश डाला और अपील की कि बदलते समय के साथ तकनीकी की सहायता लेनी चाहिये। साथ ही बताया कि ई-लर्निग, स्मार्ट क्लास और एड्सेट आदि का प्रयोग कर प्रभावी तौर पर अध्ययन से ज्ञानार्जन किया जा सकता है। इस अवसर पर माननीय विद्यायक ने महाविद्यालय विकास के लिये 10 लाख रूपये की धनराशि देने की घोषणा की। 

तत्पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी जिससे उपस्थित सभी अतिथियों का भरपूर मनोरंजन हुआ।

खबर: “एनसीसी मामले में विधायक कंडारी के खिलाफ नारेबाजी”
भी पढ़ें 

महाविद्यालय में नए विषयों को शुरू करने की मांग

प्राचार्या प्रो० पुष्पा उनियाल ने महाविद्यालय की स्थापना और प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह महाविद्यालय प्रति-वर्ष वार्षिक दिवस का आयोजन करता है। प्राचार्या प्रो० उनियाल ने बताया कि क्षेत्र में महाविद्यालय की स्थापना से आस पास के गाँवो के छात्र-छात्राओं को उच्चस्तरीय शिक्षा ग्रहण करने में बहुत सुविधा प्राप्त हो गई है। साथ ही क्षेत्रीय जनता द्वारा महाविद्यालय में नए विषयों को शुरू करने की मांग है। प्राचार्या ने परिसर के विस्तार एवं संकाय वृद्धि हेतु स्थानीय लोगों तथा अभिभावकगणों का महाविद्यालय प्रबन्धन को सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। 

अभिभावक-शिक्षक संघ की सक्रीय भूमिका

अभिभावक-शिक्षक संघ की समय-समय पर बैठक होती है। साथ ही महाविद्यालय द्वारा शिक्षक-अभिभावक संघ व पूर्व छात्र परिषद का गठन कर महाविद्यालय के विकास व उन्नति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की गयी है। समय-समय पर इनसे महाविद्यालय के सुधार के लिये आवश्यक सुझाव लिये जाते हैं। महाविद्यालय के अनुभवी शिक्षकों के शिक्षण से छात्र-छात्राओ को लाभ मिल रहा है। साथ ही महाविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र-छात्राओं के सतत विकास के लिये एण्टी रैगिंग, नशा मुक्ति, पर्यावरण सुरक्षा, आत्म-सुरक्षा, जल-संचय, स्वास्थ्य सुरक्षा आदि कार्यक्रम भी संचालित किये जाते हैं। 

कार्यक्रम में डॉ० प्रताप सिंह बिष्ट ने महाविद्यालय की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया और जानकारी दी कि छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में भी काफी सुधार हुआ है और छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा चलाये जा रहें विभिन्न योजनाओं से भी अवगत कराया जाता है। साथ ही अवगत कराया कि सरकार द्वारा चलाये जा रहें उन्नत् भारत अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों को कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विभागीय परिषदों के माध्यम से जानकारी दी जाती रही है। 

डॉ० आशुतोष कुमार ने उपस्थित अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय द्वारा की जा रही नैक प्रत्यायान की तैयारी के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी। साथ ही बताया कि महाविद्यालय में नैक मूल्यांकन हेतु समितियां गठित की गयी है और इसको लेकर समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती है। पूर्व छात्र परिषद के अध्यक्ष हरपाल भण्डारी ने भी महाविद्यालय को लेकर उपस्थित छात्र-छात्राओं के साथ अपने अनुभव साझा किये तथा बहुउद्देशीय भवन की मांग रखी।

कार्यक्रम मे भुवनेश्वरी आश्रम के सचिव ज्ञान सिंह रावत ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन से सम्बन्धित विचार व्यक्त किये और महाविद्यालयों की समस्याओं के निराकरण हेतु उपाय सझाये। अपने संबोधन में विशिष्ट अतिथि डॉ0 सुरेन्द्र दत्त सेमल्टी ने छात्र-छात्राओं की आर्थिक स्थिति के मद्देनज़र पुस्तकालय की आवश्यकता पर जोर दिया और आवागमन में हो रही समस्या को दूर करने के लिये अपनी राय रखी।

संगोष्ठी में उपस्थित मुख्य अतिथि संयक्त निदेशक, उच्च शिक्षा उत्तराखण्ड डॉ0 डी0 एस0 नैनवाल ने आश्वासन दिया कि शासन-प्रशासन द्वारा महाविद्यालय की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा और शिक्षा निदेशालय महाविद्यालय को वित्तीय सहायता भी देगा। इसके साथ ही उन्होने बताया कि उच्च शिक्षा में तकनीकी का प्रयोग समय की मांग है और छात्र-छात्राओं को वैज्ञानिक सोच भी रखनी चाहिये। 

कार्यक्रम के समापन से पूर्व श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय बादशाहीथौल में टॉप करने वाली महाविद्यालय की भूगोल विषय की छात्राओं कु० वन्दना मुषाण और कु० पिंकी को सम्मानित किया गया। खुला मंच में अतिथियों और पदाधिकारियों से छात्र-छात्राओं ने प्रश्न पूछ कर जानकारी हासिल की।  

कार्यक्रम के अन्त मे डॉ० प्रताप सिंह बिष्ट ने उपस्थित अतिथिओं, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो० पुष्पा उनियाल, अभिभावक-शिक्षक संघ के सदस्य, कार्यक्रम की संचालक डॉ० अंकिता बोरा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सम्बंधित खबरें भी पढ़ें: 


Please click to share News

admin

Related News Stories