रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों से बंड मेले का भव्य आगाज

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बंड मेले को राजकीय मेला घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री से होगी बात

  • सात दिवसीय मेला २० से २६ दिसंबर को पीपलकोटी के सेमलडाला में 
  • मेलों ने संजोयी है पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत
  • बंड मेले को राजकीय मेला घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री से होगी बात
  • बेटी बचाओ, बेटी पढाओ, स्वच्छ भारत अभियान और पर्यावरण बचाओं का संदेश

पीपलकोटी, चमोली

गढ़ निनाद न्यूज़ सहयोगी – सदर सिंह कैंतुरा, एस के गुप्ता  

20 दिसंबर, शुक्रवार

गोपेश्वर: सात दिवसीय बंड मेले का रंगारंग कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ भव्य शुभारम्भ हुआ. आज शुक्रवार 20 दिसंबर को सात दिवसीय बंड मेले का पीपलकोटी के सेमलडाला में विधिवत रूप से उदघाटन हुआ. पहले दिन जवाहर नवोदय विद्यालय च,चमोली, राइंका पीपलकोटी व राइंका गडोरा और कस्तूरबा गांधी विद्यालय घाट के छात्र-छात्राओं ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहा। 

यह वार्षिक मेला पीपलकोटी के सेमलडाला में २० से २६ दिसंबर को मनाया जा रहा। मेले का विधिवत उदघाटन विधायक बद्रीनाथ महेन्द्र प्रसाद भट्ट ने दीप प्रज्वलित कर किया। मेले आज विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने परेड का प्रदर्शन किया। मेले के उदघाटन अवसर पर बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शम्भू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, संरक्षक गंजेद्र राणा व रमेश बण्डवाल, कोषाध्यक्ष बिहारी लाल बण्डवाल, पूर्व महामंत्री विजय मलासी, ब्लाॅक प्रमुख दशोली विनीता देवी, जिलापंस सैंजी दीपा देवी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र सिंह नेगी, ज्येष्ठ उपप्रमुख पंकज हटवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, विजय मलासी, हरीश पुरोहित, किशन सिंह पुंडीर, गुलाब सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधन ईराणी मोहन नेगी, ग्राम प्रधान मठझडेता संजय सिंह, नौरख पीलकोटी पार्षद मंजू देवी, पिलंग जिपंस विक्रम बत्र्वाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सदर सिंह कैंतुरा, एस के गुप्ता सहित नवोदय विद्यालय के शिक्षक सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र की जनता मौजूद थी। मंच का संचालन संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह व पूर्व महामंत्री हरीश पुरोहित ने किया।


बंड मेले को राजकीय मेला घोषित कराएंगे: विधायक भट्ट

इस उदघाटन अवसर पर विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट ने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहरों को जीवित रखते है, यह मेले क्षेत्र की जनता के लिए उत्साह वर्धक और क्षेत्र के विकास के लिए अहम होते हैं। साथ ही विधायक ने कहा कि बंड मेले नें अल्प समय में ही जिस तेजी से पूरे प्रदेश में अपनी पहचान बनायी है उसके पीछे यहां के लोगों का सबसे बडा योगदान है। उन्होनें कहा कि जिस तरह से प्रदेश के अन्य मेले अपनी पहचान खोते जा रहें हैं वहीं दूसरी ओर बंड मेले नें आज भी अपनी संस्कृति को जीवित रखा है साथ ही कहा कि इस मेले को मुख्यमंत्री से वार्ता कर राजकीय राजकीय मेला घोषित किया जायेगा। 

मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों का विद्यायक, मेला समिति के लोगों और अन्य लोगों ने निरीक्षण किया और स्कूली बच्चों की परेड को देख प्रभावित हुए। 

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बेटी-बचाओ, बेटी-पढाओ व स्वच्छ भारत अभियान का संदेश  

विभिन्न विद्यालयों के मार्चपास्ट के साथ शुरू हुआ बंड मेला। मेले के पहले दिन का खास आकर्षण विभिन्न स्कूलों और गांवो के लोगों द्वारा प्रस्तुत झांकिया रही। इन झाांकियों के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छ भारत अभियान, कन्या भ्रूण हत्या पर चिंता जताते हुये बेटी-बचाओ, बेटी-पढाओं, घटते जंगलों पर चिंता जाहिर करते हुये पेड बचाने का संदेश, और आपदा से होनें वाले नुकसान को कम करने के प्रयास का सन्देश दिया गया। 

मेले के उदघाटन अवसर पर विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं व महिला मंगल दलों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।

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जीवंत हो उठी पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत

मेले के पहले दिन जवाहर नवोदय विद्यालय द्वारा नन्दा राज जात में शामिल विभिन्न देवी देवताओं की छंतोलियाॅं, बिरही ग्राम सभा द्वारा पोणा नृत्य, श्रीकोट महिला मंगल दल द्वारा पेड बचाओ के अलावा सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर द्वारा स्वच्छ भारत अभियान की झांकी दर्शकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी रही। इन प्रस्तुतियों ने मेले के पहले ही दिन पूरे पहाड की सांस्कृतिक विरासत के दर्शन करा दिये।

वर्षा बण्डवाल की ढोल की थाप पर पौणा नृत्य आकर्षण का केन्द्र

आदर्श राइका गडोरा की छात्रा वर्षा बण्डवाल की ढोल की धाप आकर्षण का केन्द्र बनी रही। गौरतबल है कि वर्षा ने ढोल वादक प्रतियोगिता में जनपद में प्रथम व राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था उसी के चलते समूचा बण्ड मेला वर्षा की ढोल की थाप के मुरीद हो गये। वर्षा के ढोल की थाप इतनी मधुर थी कि समूचा बण्ड मेला पौणानृत्य करने को मजबूर हो गये।

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चल बैजन्ती घूमी आला हिंवाला का डांडा से- गुलजार हुआ बण्ड मेला

बंड मेले के पहले दिन रूपकुण्ड लोक कला मंच देवाल के किशन सिंह दानू व गायिका प्रिया के नाम रही। किशन सिंह दानू ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति में माॅं नन्दा की स्तुति, जय हो नन्दा तेरी जय बोला के साथ प्रस्तुति शुरू की. उसके बाद प्रिया के हिट चंदुली घास काटली, और फिर एक के बाद एक विशेष प्रस्तुतियों ने दर्शकों मोहा. साथ ही विशेष रूप से किशन दानू व प्रिया की ‘चल बैजन्ती धूमी आला हिंवाला का डांडा’ की प्रस्तुति से सारे दर्शक झूम उठे।


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