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उत्तराखण्ड कामगार समिति ने “प्रवासियों की घर वापसी” सम्बंधी आदेश का किया स्वागत: दिए कुछ सुझाव

उत्तराखण्ड कामगार समिति ने “प्रवासियों की घर वापसी” सम्बंधी आदेश का किया स्वागत: दिए कुछ सुझाव
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गढ़ निनाद न्यूज़ * 30 अप्रैल 2020

नई टिहरी। उत्तराखण्ड कामगार समिति ने केंद्र सरकार की ओर से जारी “प्रवासियों की वापसी” सम्बंधी आदेश का स्वागत किया है। साथ ही राज्य सरकार को सरकार कुछ सुझाव भी दिए हैं।

उत्तराखण्ड कामगार कल्याण समिति के संयोजक सी. ए. राजेश्वर पैन्यूली ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि समिति काफी पहले से मानवीय आधारो पर सभी प्रवासी कामगारों को उचित स्वास्थ्य जांच के पश्चात वापस उत्तराखंड लाने हेतू अनुमति प्रदान करने की मांग कर रही थी।  

सी. ए. राजेश्वर पैन्यूली ने कहा कि हमारी सहयोगी संस्थाएं, वापसी की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने के लिये तत्पर हैं। समिती, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, उत्तराखण्ड को भी संगठन स्तर से लगातार सहयोग देने के लिए आभार प्रकट करती है। 

उत्तराखण्ड कामगार समिती ने कोरोना महामारी में प्रवासियों से लगातर संपर्क बनाये रखने के लिए, समिति के समस्त पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओ सहित समाजसेवी विजय रावत, गिरीश शर्मा, नन्दन सिंह  रावत, राकेश नेगी, पंकज पैन्यूली, मीना पटियाल, अनिल पंत,प्रताप नेगी, गढवाल सभा जयपुर, उत्तराखंड एकता मंच दिल्ली, सी.ए. विपिन बंसल आदि लोगो को,भरपूर सहयोग के देने लिए भी धन्यवाद दिया है और आशा जताई है की आगे भी सभी मिलजुल कर प्रवासियों की समस्या पर समन्वयपूर्वक कार्य सहयोग करते रहेंगे।

उत्तराखण्ड कामगार समिति ने राज्य सरकार से देशभर से प्रवासी कामगारों के हित मे व्यवहारिक प्रबंधन व “तैयारीयो” से जुडी जानकारियों को साँझा करने का आग्रह किया है जिससे चिकित्सीय मानदंडो का पालन करते हुवे सहयोग पूर्ण समन्वय कर सके। समिति ने सुझाव दिया है कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रवासी कामगारों के लिया जो वेबसाइट http://dsciservices.in/uttarakhan-migratnt-ragistraion.php जारी की है उसे इस्तेमाल करना व्यवहारिक नहीं हो पा रहा है या तो यह कनेक्ट नहीं हो रही है और या सभी कॉलम नहीं खुल रहे है… इसके लिए लंबे समय तक के स्थिर नेट कनेक्टिविटी की भी जरुरत हो रही है। इतने संसाधन और क्षमता इस मुश्किल वक्त मे सुदूर प्रदेशो मे फंसे अधिकांश प्रवासी कामगारों के लिये संभव नहीं है। 

पैन्यूली ने कहा है कि सरकार उत्तराखण्ड कामगार समिती द्वरा पूर्व मे भेजी गई सूची का संज्ञान ले। समिती प्रवासियों की अपडेटेड सूची भी उपलब्ध करवाने में सहयोग करेगी। साथ ही जानना चाहते है की क्या प्रदेश सरकार के पास, वापसी के इच्छुक प्रवासियों कामगारों की प्रदेशवार कोई संभावित सूची तैयार है जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से, सही जगह-समय और तैयारी के साथ पहुँचने का सन्देश दिया जा सके। जिससे भीड़ या भगदड़ जैसी स्थिति न आये।

जिन प्रदेशो से अधिकतम कामगारों की वापसी होनी है वहां आरम्भिक चिकित्सीय परीक्षण की क्या व्यवस्थाये तय है, प्रदेश मे गंतव्य के पास “आइसोलेशन” के लिए किन स्थलों को चिन्हित किया गया है?

किराया राशि के लिए निर्धारित मापदण्ड क्या हैं।आशा है की परेशान प्रवासी कामगारों से किराया नहीं लिया जायेगा। व्यक्तिगत वाहनों का प्रबंध कर के आने वालो के लिए क्या मापदण्ड निर्धारित है? एक बस मे/ कार मे/ या किसी निजी वाहन में कितने लोग एक बार में यात्रा कर सकते है? प्रवासी कामगार यात्रियो को किस प्रकार के पहचान पत्रों को साथ मे रखना अनिवार्य है ? क्या प्रदेश सरकार ने कोई वेबसाइट/एप्प जरी किया है जिस पर वापसी के इच्छुक प्रवासी कामगार अपनी जानकारी सर्कार तक पंहुचा सके।

पैन्यूली ने सरकार से आग्रह किया है कि वेब साईट लिंक, एप्प/ और प्रवासी कामगार के लिए विशेष वाट्सएप्प नम्बर को प्रचारित करने के साथ ही साथ ही जिम्मेदार कार्यालय व अधिकारियों को सख्त निर्देश दे की उन्हें रिसीव करें तथा गंतव्य तक पहुचाएं।


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Govind Pundir

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