प्रतापनगर राजमहल को म्यूजियम बनाने की तैयारी, क्षेत्र को पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर खुलेंगे कई अवसर

प्रतापनगर राजमहल को म्यूजियम बनाने की तैयारी, क्षेत्र को पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर खुलेंगे कई अवसर

प्रतापनगर (टि० ग०): प्रतापनगर के राजमहल राज दरबार को पुरानी धरोहर के रूप में सुरक्षित किए जाने के प्रयास शुरू किये जा रहे हैं। इसके साथ ही टिहरी झील के आस-पास क्षेत्र के साथ ही प्रतापनगर क्षेत्र को भी टिहरी झील मैगा प्रोजेक्ट के तहत पर्यटन सर्किट से जोड़ने के लिए प्रशासन द्वारा प्लानिंग शुरू कर दी गई है, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा।

गौरतलब है कि महाराजा सुदर्शन शाह ने टिहरी को राजधानी बनाया था और उसके बाद उनके उत्तराधिकारियों प्रताप शाह ने प्रतापनगर, कीर्तिशाह ने कीर्तिनगर और नरेन्द्रशाह ने नरेन्द्रनगर को अपनी राजधानी बनाया और 1815 से 1949 तक शासन किया।

प्रताप नगर में राजदरबार में टिहरी जनपद का जवाहर नवोदय विद्यालय भी कुछ वर्षो तक चला और विद्यालय का स्थाई स्थान और भवन पौखाल में बन जाने पर विद्यालय प्रतापनगर राजदरबार से पौखाल स्थान्तरित कर दिया गया।  

लम्बे समय में देखरेख और रख-रखाव के अभाव में प्रतापनगर का राजमहल और राजदरबार आज खंडहर की स्थिति में है। अब लम्बे समय बाद टिहरी रियासत की इन धरोहरों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर म्यूजियम (संघ्रालय) बनाये जाने की योजना है।

पर्यटन और विरासत संरक्षण के मद्देनगर प्रतापनगर में राजमहल राज दरबार को पुरानी धरोहर के रूप में सुरक्षित किये जाने की योजना हैं। इसके साथ ही टिहरी झील से सटे प्रतापनगर क्षेत्र को भी पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा। प्रतापनगर क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने से लोगों को टिहरी रियासत की ऐतिहासिक इमारतों की जानकारी के साथ साथ टिहरी राजशाही के इतिहास की भी जानकारी मिलेगी। इसके आलावा प्रतापनगर जिअसे दूरदराज क्षेत्र में पर्यटन का विकास होगा और पलायन रोकथाम में भी मदद मिलेगी। 

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