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गाय, गंगा और गायत्री भारत की प्रतिष्ठा के मूल में है : डॉ घिल्डियाल

गाय, गंगा और गायत्री भारत की प्रतिष्ठा के मूल में है : डॉ घिल्डियाल
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देहरादून 24 अगस्त। गाय ,गंगा और गायत्री के बिना वास्तविक भारत के संकल्पना नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह तीनों भारत की प्रतिष्ठा के मूल में है।

उपरोक्त विचार सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने व्यक्त किए , वह आज देहरादून मैं श्री गुरु नानक महिला इंटर कॉलेज बन्नू स्कूल रेस कोर्स के मैदान में “गौ प्रतिष्ठा महोत्सव” एवं अष्टादश पुराण धेनु मानस कथा के अवसर पर बोल रहे थे।

उत्तराखंड ज्योतिष रत्न के रूप में अंतरराष्ट्रीय जगत में प्रसिद्ध सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने गोकुल में गायों को प्रतिष्ठित कर भारत के प्रतिष्ठा को समूचे विश्व में ऊंचा कर दिया था, और आज उसका ही प्रयास हिमालय क्षेत्र के सुप्रसिद्ध संत गोपाल मणि महाराज एवं उनके सुपुत्र कथावाचक सीतारमण महाराज कर रहे हैं।

कथा स्थल पर पहुंचने पर व्यास पीठ पर आसीन संत गोपाल मणि महाराज ने सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का शॉल ओढ़ाकर स्वागत करते हुए कहा कि उनकी अगुवाई में शिक्षा विभाग नित नई ऊंचाइयां छू रहा है, और संस्कारों की त्रिवेणी में स्नान कर प्रदेश के बच्चे व्याकरण ,साहित्य ,ज्योतिष एवं भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के ज्ञान के भंडार बन रहे हैं, उन्होंने डॉक्टर चंडी प्रसाद की विनम्रता एवं श्रद्धा की तारीफ करते हुए व्यास पीठ से उन्हें उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर देहरादून के महापौर सुनील उनियाल, पूर्व विधायक लाखीराम जोशी, कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता सूर्यकांत धस्माना, कार्यक्रम के संचालक राजकीय संस्कृत शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ रामभूषण , प्रांतीय महामंत्री डॉ कुलदीप पंत, हिमालय आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर नवीन जसोला, भारतीय गौ क्रांति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बुद्धि सिंह पवार, प्रसिद्ध समाजसेवी विजय सिंह नेगी, मालती नेगी सहित बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं संस्कृत भारती जैसे अनेकों संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में कथा श्रोता उपस्थित थे।


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Garhninad Desk

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