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राजकीयकरण की मांग को लेकर पेयजल कार्मिकों का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम जारी

राजकीयकरण की मांग को लेकर पेयजल कार्मिकों का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम जारी
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देहरादून 27 जनवरी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पेयजल कार्मिकों द्वारा पूरे प्रदेश के समस्त जनपदों/नगरों में जल संस्थान-जल निगम समस्त मोर्चा के बैनर तले आज दिनांक 27.01.2024 को भी प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक धरना दिया गया। जनपद नैनीताल में हल्द्वानी में उत्तराखण्ड पेयजल निगम एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान के कार्मिकों द्वारा विशाल रैली निकाली गई।

जनपद देहरादून में जल संस्थान व जल निगम कार्मिकों द्वारा प्रधान कार्यालय, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, 11, मोहिनी रोड़, देहरादून में धरना दिया गया, जिसमें भारी संख्या में पेंशनर्स भी शामिल हुए। जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा के प्रान्तीय पदाधिकारी श्री राम चन्द्र सेमवाल ने शीघ्र उत्तराखण्ड जल संस्थान एवं उत्तराखण्ड पेयजल निगम का राजकीयकरण एवं एकीकरण करने की मांग की। श्री सेमवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में पेयजल से सम्बन्धित एक ही विभाग होना चाहिये था परन्तु पूर्व में उत्तराखण्ड पेयजल निगम एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान के अधिकारियों के निजी हित प्रभावित होने के कारण राजकीयकरण नहीं होने दिया गया परन्तु वर्तमान में उत्तराखण्ड जल संस्थान एवं उत्तराखण्ड पेयजल निगम के कार्मिक एकजुट है एवं राजकीयकरण कराकर ही आन्दोलन समाप्त करेंगे।

जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मार्च के संयोजक श्री रमेश विंजोला ने बताया कि UUSDA के अधिकारियों ने मूल मंत्र दिया है कि “यावत् जीवत् सुखम् जीवते ऋणम् कृत्वा घृतम् पिवते” इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि ए०डी०बी० के प्रथम चरण में स्वीकृत धनराशि को जब पेयजल/सीवरेज कार्यों में नहीं खपाया जा सका तो उक्त बजट को सड़क किनारे सॉर्दयीकरण में खर्च कर दिया गया। इसके तहत जहां राजपुर रोड़ पर सड़क किनारे बिना किसी नियोजन के कार्य करा दिये गये, वहीं बोलार्ड द्वारा विद्युतीकरण कार्य मात्र कागजों में कराया गया। राजपुर रोड़ पर जल संरक्षण के नाम पर जो संरचना बनायी गयी है, वह क्षेत्र विशेष के अनुरूप नहीं है। इसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।

जल संस्थान-जल निगम संयुक्त मोर्चे के संयोजक विजय खाली ने बताया कि वर्तमान में शासनस्तर से हुई वार्ता के क्रम में केवल सांकेतिक धरना दिया जा रहा है परन्तु यदि राजकीयकरण में अनावश्यक विलम्ब सरकार द्वारा किया जाता है तो कार्मिक किसी भी समय हड़ताल पर जाने हेतु मजबूर होंगे।

मोर्चे के कोषाध्यक्ष श्री लाल सिंह रौतेला ने बताया कि जल संस्थान जल निगम के अधिकारी/कर्मचारी एकजुट हैं तथा अपनी मांगें पूरी होने के बाद ही आन्दोलन समाप्त करेंगे। जल संस्थान-जल निगम संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने कहा कि ए०डी०बी० द्वारा बनाये गये नलकूप सुख रहे है, टैंक लीक कर रहे हैं, सीवर लाईन बैठ रही है, पेयजल लाईनें सुखी पड़ रही है पम्प आधी ऊंचाई तक ही पानी फैक पा रहे है, आर०ओ०/फिल्टर प्लान्ट बन्द पड़े है। फिर भी शहरी विकास विभाग के अधिकारी आंख मूंदे पड़े हैं, जिसकी एस०अआई०टी० जांच होनी चाहिये।

धरना कार्यक्रम में श्री रमेश विंजोला, विजय खाली, श्याम सिंह नेगी, प्रेमचन्द्र सेमवाल, मणिराम व्यास, जीवानन्द भट्ट, लाल सिंह रौतेला, संदीप मल्होत्रा, आशीष तिवारी, धूम सिंह सोलंकी, डालाराम, मेहर सिंह, धन सिंह चौहान, राजेन्द्र बिष्ट, विनोद सिंह, डी०पी० भद्री, लखविन्दर, चतर सिंह, हेमन्त रावत, कान्ती देवी, अंशिका आदि उपस्थित रहे।


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Garhninad Desk

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