लॉकडाऊन के दौर में ग्राफिक एरा की मदद जारी, सौंपी खाद्यान्न की दूसरी खेप

लॉकडाऊन के दौर में ग्राफिक एरा की मदद जारी, सौंपी खाद्यान्न की दूसरी खेप
Please click to share News


सामान्य परिवारो की 8-10 दिन की जरूरतों के लिए 209 पैकेट सौंपे

गढ़ निनाद न्यूज़ (जीएनएन) * 25 मार्च 2020

देहरादून। कोरोना महामारी के चलते लॉक डाऊन के दौरान किसी को भूखा न रहने देने के सरकार के अभियान में भागीदारी करने वाली संस्थाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्राफिक एरा ने लॉक डाऊन से प्रभावित गरीबों के लिए आज खाद्यान्न को दूसरी खेप प्रशासन के सुपुर्द कर दी।

आज दोपहर ग्राफिक एरा मैनेजमेंट की वरिष्ठ पदाधिकारी श्रीमती राखी घनशाला ने प्रशासन की टीम को खाद्यान्न के 209 पैकेट सौंपे। उन्होंने बताया कि करीब सवा दो हजार किलोग्राम के खाद्यान्न के इन पैकेटों में एक सामान्य परिवार की 8-10 दिन की जरूरतों के लिए आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, मसाले आदि शामिल हैं। इससे पहले 28 मार्च को ग्राफिक एरा ने पहली खेप प्रशासन को सौंपी थी।

ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि नोवल कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाऊन को कामयाब बनाना बहुत आवश्यक है। कोरोना वायरस से व्यापक स्तर पर जनहानि रोकने के लिए इस दिशा में किए गए सांझा प्रयास, सफलता की गारंटी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भूखा न रहने देने के सरकार के प्रयास उसकी संवेदनशीलता और मानवीयता को दर्शाते हैं और इन्हें सफल बनाने के लिए सबको अपनी जिम्मेदारी पूरी क्षमता से निभानी है। ग्राफिक एरा यह सिलसिला जारी रखेगा।

ग्राफिक एरा ने क्वारंटाइन के लिए सरकार को 60 कमरे उपलब्ध कराने के साथ ही लॉक डाऊन से छात्र-छात्राओं का नुकसान न होने देने के लिए ऑनलाईन क्लासों की व्यवस्था की है। एक हफ्ते से ग्राफिक एरा डीम्ड यूनीवर्सिटी और ग्राफिक एरा हिल यूनीवर्सिटी में प्रतिदिन ऑनलाईन कक्षाएं चलाई जा रही हैं। भारत के 25 राज्यों व छह केंद्र शासित राज्यों के साथ ही ब्राजील, नेपाल, यमन, मालावी, यूगांडा, अंगोला, लाइबेरिया, नाइजीरिया समेत नौ अन्य देशों के करीब 17 हजार छात्र छात्राओं को ऑनलाईन पढ़ाने की यह व्यवस्था काफी प्रभावी सिद्ध हो रही है। लॉकडाऊन के कारण छात्र-छात्राओं के घरों में रहने के कारण इन कक्षाओं में काफी अधिक उपस्थिति दर्ज हो रही है। इनके लिए अत्याधुनिक तकनीकें और सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।


Please click to share News
admin

admin

Related News Stories