गोलेन्द्र पटेल की कविताएं

Govind Pundir
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गढ़ निनाद समाचार।

थ्रेसर

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थ्रेसर में कटा मजदूर का दायां हाथ

देखकर

ट्रैक्टर का मालिक मौन है

और अन्यात्मा दुखी

उसके साथियों की संवेदना समझा रही है

किसान को

कि रक्त तो भूसा सोख गया है

किंतु गेहूँ में हड्डियों के बुरादे और माँस के लोथड़े

साफ दिखाई दे रहे हैं

कराहता हुआ मन कुछ कहे

तो बुरा मत मानना

बातों के बोझ से दबा दिमाग

बोलता है / और बोल रहा है

न तर्क , न तत्थ

सिर्फ भावना है

दो के संवादों के बीच का सेतु

सत्य के सागर में

नौकाविहार करना कठिन है

किंतु हम कर रहे हैं

थ्रेसर पर पुनः चढ़ कर-

बुजुर्ग कहते हैं

कि दाने-दाने पर खाने वाले का नाम लिखा होता है

तो फिर कुछ लोग रोटी से खेलते क्यों हैं

क्या उनके नाम भी रोटी पर लिखे होते हैं

जो हलक में उतरने से पहले ही छिन लेते हैं

खेलने के लिए

बताओ न दिल्ली के दादा

गेहूँ की कटाई कब दोगे?

2.

गुढ़ी

•••••

लौनी गेहूँ का हो या धान का

बोझा बाँधने के लिए – गुढ़ी

बूढ़ी ही पुरवाती है

बहू बाँकी से ऐंठती है पुवाल

और पीड़ा उसकी कलाई !

3.

घिरनी

•••••••

फोन पर शहर की काकी ने कहा है

कल से कल में पानी नहीं आ रहा है उनके यहां

अम्माँ! आंखों का पानी सूख गया है

भरकुंडी में है कीचड़

खाली बाल्टी रो रही है

जगत पर असहाय पड़ी डोरी क्या करे?

आह! जनता की तरह मौन है घिरनी

और तुम हँस रही हो।

गोलेन्द्र पटेल, छात्र , बीएचयू

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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