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दुनिया में कहीं स्वर्ग है तो वह उत्तराखंड है-योगी

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दुनिया में कहीं स्वर्ग है तो वह उत्तराखंड है-योगी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमारे प्रदेश के मूल निवासी अपने गांव की ओर लौटें इस मकसद से  रैबार-2 आवा आपण घौर) कार्यक्रम टिहरी झील के किनारे किया आयोजित

गोविन्द पुण्डीर, टिहरी

3 नवम्बर 2019  

राज्य सरकार एवं हिल फाउण्डेशन के तत्वाधान में राज्य स्थापना दिवस सप्ताह के अन्तर्गत नई टिहरी स्थित कोटी कालोनी में आयोजित रैबार-2 (आवा आपुण घौर) कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य उत्तराखंड के मूल निवासी जो अन्य प्रदेशों अथवा देशों में रोज़गार अथवा अन्य कारणों से पलायन कर गये हैं उन्हें अपने राज्य में आने के लिए संदेश देना था। पूर्व में भी रैबार-1 कार्यक्रम देहरादून में आयोजित हुआ था।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमारे प्रदेश के मूल निवासी अपने गांव की ओर लौटें इस मकसद से यह रैबार-2 (आवा आपुण घौर) कार्यक्रम टिहरी झील के किनारे आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह जनपद कप्फू चैहान, माधो सिंह भण्डारी एवम वीर गब्बर सिंह जैसे योद्धाओं की धरती है। जिनका चरित्र उत्तराखण्ड वासियों को प्रेरणा देने वाला है। मुझे विश्वास है कि वीर सपूतों की कर्मस्थली में आयोजित रैबार कार्यक्रम भी प्रवासी उत्तराखण्डियों के लिए प्रेरणादायक होगा।

उन्होंने कहा कि हम उत्तराखण्ड के संतुलित विकास पर ध्यान दे रहे है इसी मकसद से राज्य उत्तराखण्ड बनाया गया था। उन्होंने कहा कि बहुत बड़े उद्योगों की सम्भावना हमारे राज्य में नहीं है इसलिए हमें उस क्षेत्र में आगे बढ़ना है जिसमें हमारा एकाधिकार हो सके। आर्गेनिक क्षेत्र में हम आगे बढ़ सकते हैं। वनों के विनाश का कारण माने जाने वाले चीड़ की पत्तियों का सदुपयोग कर हम उससे बिजली उत्पादन करने जा रहे हैं। प्रदेश में चीड़ की पत्तियों से बिजली बनाने के 23 प्रोजेक्ट तैयार किये जा रहे हैं जिनसे शीघ्र ही विद्युत उत्पादन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 23 लाख मीट्रिक टन चीड़ की पत्तियों का उत्पादन होता है जो एक लाख लोगों को रोजगार देने में सहायक होगा।

उन्होने स्थानीय लोगों को सोलर पावर के माध्यम से विद्युत उत्पादन के लिए भी प्रेरित किया। कहा कि सरकार ने अभी सोलर पावर प्लांट के लिये 600 करोड़ के टेंडर अवार्ड किए हैं। रावत ने कहा हमे गर्व है कि उत्तराखंड निरन्तर प्रगति कर रहा है। आज यहां की प्रति व्यक्ति आय 1लाख 98000 है। 

उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश फिल्म शूटिंग की दृष्टि से भी पर्याप्त सौंदर्य बटोरे हुए है। उत्तराखण्ड जैसी खूबसूरती कहीं नही है। यहां सोलह किस्म की जलवायु पायी जाती है। उन्होने इन्वेस्टर्स का आहवान किया कि वे उत्तराखण्ड राज्य की ओर रूख करें। रावत ने कहा कि हम प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। रावत ने कहा कि भांग को लेकर जो धारणा थी उसे बदलने का कसम हम कर रहे हैं।भांग की खेती करके रोज़गार बढ़ाया जा सकता है इसके रेशे से कपड़े बनाते जा सकते हैं। कहा कि आज जो शूट मैंने पहना है वह भांग का बना है, हालांकि कीमत इसकी बहुत ज्यादा है ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि रैबार कार्यक्रम लोगों को अपनी भूमि से जोड़ने का अभिनव प्रयास है। उन्होने कहा कि मैं सन् 1986 में टिहरी आया था। मैंने हाई स्कूल भी इसी जनपद से किया है। किंतु अब 33 वर्षो के बाद उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री रावत के अभिनव प्रयास की बदौलत मुझे यहां आने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होने कहा कि राज्य उत्तराखण्ड को बने हुए 19 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और इन 19 वर्षो में उत्तराखण्ड ने विकास की एक लंबी यात्रा की है। उत्तराखण्ड में अभी भी विकास कि बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मात्र फिल्मों के लिए ही नही अपितु पर्यटन, हाइड्रो पॉवर, विंड एनर्जी व बागवानी की दृष्टि से भी एक महान डेस्टीनेशन बन सकता है।

योगी ने कहा उत्तराखण्ड के धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों में बहुत श्रद्धा है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए धार्मिक स्थलों पर प्रशिक्षित गाइड तैनात करने तथा धार्मिक स्थलों पर चढ़ने वाले फूलों से इत्र, धूपबत्ती, अगरबत्ती आदि उत्पाद तैयार किया जाने का भी सुझाव रखा ताकि स्थानीय लोगों को रोज़गार प्राप्त हो सके। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तराखण्ड में छोटे-छोटे हाईड्रो पावर, सोलर पावर व विण्ड पावर स्थापना की भी अपार संभावनाएं हैं।

आदित्य नाथ ने कहा कि टिहरी झील के सामने कश्मीर की डल झील भी फीकी है। कहा कि विकास के लिए सकारात्मक सोच होनी चाहिए तथा कार्य टीम भावना से किये जाने चाहिए। श्री आदित्य नाथ ने राज्य उत्तराखण्ड से बाहर रह रहे रिटायर्ड व्यक्तियों को अपने प्रदेश में आने के लिए प्रेरित किया। कहा कि जननी जन्मभूमि का कोई विकल्प नहीं है। अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने प्रदेश से हो रहे पलायन को रोकना भी बड़ी चुनौती बताया। साथ ही राज्य उत्तराखण्ड की जनता का आहवान किया कि वे अपना घर न छोड़े यदि वे ऐसा कर रहें हैं तो अपनी आने वाली पीढ़ी तथा देश की सुरक्षा के साथ धोखा कर रहे हैं।

उन्होंने वर्तमान उत्तराखण्ड सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के समय से उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य कई विवाद  17 वर्षों से लटके हुये थे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के प्रयासों से आपसी वार्ता कर विवादों का हल निकाला गया है। उन्होंने कहा कि राज्य उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य उत्तराखण्ड के सरकारी पेन्शनर्स/कर्मचारियों जो पूर्व में उत्तर प्रदेश में तैनात थे के पेंशन एवं पीएफ राशि का 2018-19 में रूपये 23 सौ 31 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है। इस वर्ष रूपये 14 सौ करोड़ का भुगतान हम कर चुके हैं तथा वर्ष के अंत में रूपये 03 हजार करोड़ पेंशन व पीएफ का भुगतान करने जा रहे हैं।

इस अवसर पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने उत्तराखण्ड की खूबसूरती का वर्णन करते हुये कहा कि स्वर्ग कहीं है तो उत्तराखण्ड में ही है। उत्तराखण्ड को सही तरीके से प्रगति की ओर ले जाना है। उन्होने कहा कि भारतीय सेना की ओर से इस राज्य के चीन सीमा से लगे क्षेत्रों में अखरोट, चिलगोजिया की खेती, टेली कम्युनीकेशन की सुविधा, सड़क निर्माण की सुविधा, एडवांस लैड़िग ग्राउन्ड एयर फ़ील्ड बनाने की कार्यवाही तेजी से चल रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व बिपिन रावत द्वारा वीर नारियों को सम्मानित किया गया। वहीं त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व अन्य विश्ष्टि अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, जनपद के प्रभारी मंत्री/उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत, एन टी आर ओ चीफ़ आलोक जोशी, कोस्ट गार्ड के पूर्व महानिदेशक राजेन्द्र, विधायक धन सिंह नेगी, विजय सिंह पंवार व विनोद कण्डारी, सचिव वित अमित नेगी, महानिदेशक सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग एमएस बिष्ट, जिलाधिकारी टिहरी डाॅ0 वी0 षणमुगम, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 योगेन्द्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, चेतना नेगी व मंजीत सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।


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